सूक्ष्मजीव - वे जीव जिन्हें हम अपनी आंखों से देख नहीं सकते उन्हें हम सूक्ष्म जीव कहते हैं। सूक्ष्म जीव आकार में बहुत ही छोटे होते हैं जिनको हमारी साधारण आंखों से नहीं देखा जा सकता।
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सूक्ष्म जीवों को चार वर्गों में बांटा गया है।
- जीवाणु
- शैवाल
- कवक
- प्रोटोजोआ
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| जीवाणु |
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| कवक |
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| शैवाल और प्रोटोजोआ |
- विषाणु भी एक तरह का सूक्ष्म जीव होता है लेकिन इसे हम सूक्ष्म जीव के 4 वर्गों में नहीं गिनते क्योंकि यह बाकी सूक्ष्म जीवों की तरह अपना विकास नहीं करता। विषाणु किसी जीवित प्राणी के शरीर में जाकर ही अपना विकास कर पाता है अगर यह शरीर से बाहर निकाल दिया जाता है तो यह वायरस मर जाता है। उदाहरण:- कोरोनावायरस (इस वायरस से बहुत बड़ी आबादी प्रभावित हुई थी)
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| विषाणु |
- सूक्ष्म जीव मित्र के रूप में-
- सूक्ष्मजीव दूध से दही बनाने में काम आते हैं।
- सूक्ष्म जीव मरे हुए जानवरों को खत्म करने में काम आते हैं।सू
- सुक्ष्म जीवों की मदद से बहुत सारी दवाइयां बनाई जाती हैं।
- सूक्ष्म जीवों की मदद से चीनी से शराब बनाई जाती है।
- सूक्ष्म जीव मिट्टी की उर्वरता में वृद्धि करते हैं। यह नीले हरे शैवाल तथा जीवाणु की मदद से होता है।
- किण्वन- यीस्ट चीनी को एल्कोहल में बदल देता है। इस प्रक्रिया को किण्वन या फर्मेंटेशन कहते हैं।
- एंटीबायोटिक - वह औषधि जो बीमारी पैदा करने वाले सूक्ष्म जीवों को नष्ट कर देती है या उनकी वृद्धि को रोक देती है उसको हम एंटीबायोटिक कहते हैं। एंटीबायोटिक भी सूक्ष्मजीवों के ही बने होते हैं।
- वैक्सीन (टीका) - वैक्सीन सूक्ष्म जीवों की बनी होती है। वैक्सीन के टीके का प्रयोग आमतौर पर चेचक, हैजा तथा हेपेटाइटिस जैसी बीमारियों को रोकने के लिए किया जाता है। हमारा शरीर अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता रखता है। जब कोई भी सूक्ष्म जीव हमारे शरीर में प्रवेश करता है तो हमारा शरीर की प्रतिरोधक क्षमता उसको बढ़ने से रोकती है। वैक्सिंग टीके के अंदर मृत अवस्था में सूक्ष्म जीव पाए जाते हैं जिससे शरीर उन्हें पहले ही समझ लेता है और दोबारा आने वाले सूक्ष्म जीवों को जल्दी मार देता है जिससे बीमारी खत्म हो जाती है।
- सूक्ष्म जीव शत्रु के रूप में –
- सूक्ष्म जीव हमारे शरीर में बहुत सारी बीमारियां पैदा कर देते हैं।
- सूक्ष्म जीव हमारे खाने को खराब कर देते हैं।
- पौधों में बीमारियां उत्पन्न कर देते हैं।
- कुछ महत्वपूर्ण मानव रोग और रोग कारक सूक्ष्म जीव
- चिकन पॉक्स बीमारी वायरस की वजह से होती है।
- कोरोनावायरस बीमारी वायरस की वजह से होती है।
- हेपेटाइटिस बी बीमारी वायरस की वजह से होती है।
- पोलियो बीमारी वायरस की वजह से होती है।
- हैजा बीमारी जीवाणु की वजह से होती है।
- टाइफाइड बीमारी जीवाणु की वजह से होती हैं।
- मलेरिया बीमारी प्रोटोजोआ की वजह से होती है।
- खाद्य सामग्री को बचाने के तरीके-
- नमक और खाद्य तेल का उपयोग सूक्ष्म जीवों की वृद्धि को रोकने के लिए किया जाता है हम इसे अचार बनाने में इस्तेमाल करते हैं।
- नमक भोजन को लंबे समय तक सूक्ष्म जीवों के प्रभाव से सुरक्षित रख सकता है।
- जैम, जेली तथा स्क्वैश का परिरक्षण चीनी द्वारा किया जाता है। चीनी के प्रयोग से खाद्य पदार्थ की नमी में कमी आ जाती है और सूक्ष्म जीवो की वृद्धि इस वजह से कम हो जाती हैं।
- हम खाने को गरम और ठंडा करके भी सूक्ष्म जीवों की वृद्धि को रोक देते हैं।
- हम खाने को सुरक्षित रखने के लिए वायुरोधी शील वाले पैक्टो का प्रयोग करते हैं।
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| नाइट्रोजन चक्र |





