Class 7th science ncert ch-11 (प्रकाश ) notes pdf download

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11. प्रकाश

अध्याय-समीक्षा

  • कोई भी पॉलिश किया हुआ अथवा चमकदार पृष्ठ दर्पण कि भाँति कार्य करती है|
  • प्रकाश सरल रेखा के अनुदिश गमन करता हैं।
  • अवतल लेंस सदैव लैंस सदैव सीधा, आभासी तथा साइज़ में बिंब से छोटा प्रतिबिंब बनता हैं।
  • श्वेत प्रकाश सात वर्ण का मिश्रण हैं।
  • उत्तल लेंस वास्तविक तथा उल्टा प्रतिबिंब बना सकता हैं। जब बिंब लेंस के अत्यंत निकट रेखा जाता हैं, तो बनने वाला प्रतिबिंब आभासी, सीधा तथा आवर्धित होता हैं। जब उत्तल लेंस को, वस्तुओं को आवर्धित करके देखने के लिए उपयोग किया जाता हैं, तो उसे आवर्धक लेंस कहते हैं।
  • उत्तल दर्पण द्वारा बना प्रतिबिंब सीधा, आभासी तथा साइज़ में बिंब से छोटा होता हैं।
  • दर्पण द्वारा बने प्रतिबिंब में, बिंब क वाम भाग प्रतिबिंब के दक्षिण भाग कि भाँति दिखाई देता हैं तथा बिंब का दक्षिण भाग प्रतिबिंब के वाम भाग कि भाँति दिखाई देता हैं।
  •  समतल दर्पण द्वारा बना प्रतिबिंब सीधा होता हैं यह आभासी होता हैं, तथा बिंब के सामान साइज़ का होता हैं। प्रतिबिंब दर्पण के पीछे उतन ही दूरी पर बनता हैं, जीतनी कि दर्पण के समाने बिंब कि दूरी होता हैं।
  •  अवतल दर्पण वास्तविक तथा उल्टा प्रतिबिंब बना सकता हैं। जब बिंब को दर्पण के अत्यंत निकट रखते हैं, तो प्रतिबिंब आभासी, सीधा तथा आवर्धित होता हैं।
  •  जिस प्रतिबिंब को पर्दे पर प्राप्त न किया जा सके, उसे आभासी प्रतिबिंब कहते हैं। जो प्रतिबिंब पर्दे पर प्राप्त किया जा सके, वास्तविक प्रतिबिंब कहलाता हैं।
  • प्रकाश सरल रेखा के अनुदिश गमन करता हैं।

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